दुल्हन को शहीद भाई की कमी का एहसास ना हो इसलिए शादी में पहुंचे 100 कमांडो, इस अंदाज़ में दी विदाई, देखकर आँखों में आ जायंगे आंसू



दरअसल ज्योति प्रकाश निराला ने बांदीपुरा मुठभेड़ में शहादत हासिल की थी। इस दौरान उनकी आतंकवादियों से जोरदार मुठभेड़ चल रही थी। ज्योति ने इस दौरान दो आतंकवादियों (कमांडर लखवी का भतीजा उबैद उर्फ ओसामा और महमूद के भाई) को मौत के घाट भी उतार दिया था। इतना ही नहीं इस मुठभेड़ में उन्होंने अपने घायल साथियों की जान भी बचाई थी। हालाँकि इन सब के बीच वे भी शहीद हो गए। बेटे के गुजर जाने के बाद पिता को बड़ी चिंता थी। खासकर बेटी की शादी को लेकर वे बहुत टेंशन में थे। हालाँकि ज्योति के साथी गरुड़ कमांडो ने पिता को बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी।

जब बिहार के बदिलाडीह में शशिकला की शादी पाली रोड के सुजीत कुमार के साथ हो रही थी तो इस दौरान गरुड़ कमांडो के लोग भी आ गए। इस दौरान एक पुरानी परंपरा के कारण उन्होंने शशिकला के कदमो के नीचे अपनी हथेलियाँ रख उसे बिदाई दी। इस शादी के दौरान वायुसेना की गरुड़ टीम के 100 कमांडो सम्मिलित थे। ये पूरा नजारा भावुक कर देने वाला था। शहीद ज्योति के पिता का कहना हैं कि गरुड़ कमांडो के आ जाने के कारण उन्हें शादी में बेटे की कमी महसूस नहीं हुई। वहीं दुल्हन बनी शशिकला को भी एक साथ 100 भाई मिल गए। ऐसे में पिता तेजनारायण सिंह ने गरूड कमांडो के प्रति आभार व्यक्त किया।
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