ना बैंड न बाजा, शादी में आए केवल 10 लोग, दूल्हा और दुल्हन ने मास्क पहनकर थामा एक दूजे का हाथ, पंडित जी ने भी पहना मास्क

साखी पर जाखणीधार तहसील के ग्राम मिंग्वाली की आस्था और पंचूर निवासी सानी (बुद्धि बल्लभ) की शादी सादे समारोह में संपन्न हुई। इस दौरान वर और वधु पक्ष के मेहमानों के लिए भी मास्क और सैनिटाइजर के खास इंतजाम किए गए थे। शादी में ढोल-दमाऊ, बैंड-बाजा और डीजे की गूंज भी नहीं सुनाई दी।
वर पक्ष की ओर से दूल्हा सानी, उसके चाचा महादेव तिवारी, भाई रंजनीकांत, वेद प्रकाश और पंडित जगदंबा प्रसाद सोशल डिस्टेंस के साथ दो टैक्सियों में मिंग्वाली गांव पहुंचे। वधु पक्ष की ओर से दुल्हन आस्था, पिता महावीर भट्ट, माता बसंती देवी, रिश्तेदार गिरीश अमोला और राकेश थपलियाल ने स्वागत किया।

शादी में मात्र दस लोग ही शरीक हुए। बरात सुबह 10 बजे मिंगवाली गांव पहुंची। सात फेरे लेने के बाद दोपहर दो बजे दूल्हा सानी दुल्हन आस्था को लेकर अपने गांव पंचूर पहुंचा। पंचूर गांव में भी कोई खास रौनक नहीं दिखी।
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