लॉकडाउन में हुए माँ की मौत, मौत के बाबजूद कई घंटो तक कोई नही आया अंतिम संस्कार को मां की लाश लेकर अकेली बैठी थी 10 साल की बेटी

महिला की मौत के घंटों बीत जाने के बाद परिवार और समाज का कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया तो महिला के अंतिम संस्कार का जिम्मा बजरंग दल ने अपने हाथों में लिया। यह पूरा मामला जिले के हिसुआ के वार्ड नंबर 17 का है, जहां बुधवार को विधवा महिला रूबी देवी की मौत हो गई। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मृतका का अंतिम संस्कार करवाया। 


करीब पांच दिन से विधवा रूबी देवी का इलाज कराने में हिसुआ बजरंग दल के कार्यकर्ता जुटे हुए थे। महिला का इलाज हिसुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा था। बीते मंगलवार की रात को रूबी की तबीयत अचानक से ज्यादा खराब हो गईतो उन्हें नवादा रेफर कर दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मदद से उन्हें नवादा ले जाया जा रहा था तभी बीच रास्ते में ही रूबी ने दम तोड़ दिया
रूबी देवी की पिछले कई दिनों से तबियत खराब चल रही थी। रूबी देवी की 10 साल की बेटी रिया है। रिया ने ही अपनी मां को मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार विधवा रूबी देवी कागज का लिफाफा बनाकर जीवन का गुजारा करती थी। बजरंग दल के संयोजक मनीष राठौर और अन्य कार्यकर्ताओं के सहयोग से मृतका की अर्थी उठी और दाह संस्कार हुआ। बेटी रिया ने अर्थी को कंधा देने और अपनी मां को मुखाग्नि देने का काम किया। बजरंग दल के संयोजक मनीष राठौर, संदीप सिंह सोलंकी, रिषु भारती, गौतम राणा, सत्या ठाकरे, सूर्यवंश प्रताप आदि लोगों ने मदद की।
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