न्यूयॉर्क की दिल दहलाने वाली घटना, लाशों के अंबार में जिंदा सहकर्मी का हुआ दाह संस्कार, 15 सेकंड तक आती रही चीखने की आवाजे, लेकिन तब तक..

पुलिस के अनुसार माइकल जोंस (48) ने 16 घंटों तक लगातार काम करने के बाद झपकी लेने का फैसला किया. दरअसल माइकल कुछ देर आराम करने के लिए लेटे और उनकी आंख लग गई तो एक अन्य कर्मचारी ने उनको गलती से कोरोना मरीज की लाश समझ लिया और उसे श्मशान के दाह संस्कार केंद्र तक ले गया. इससे पहले कि कोई इस गलती को नोटिस करता साथी कर्मी ने सो रहे माइकल को पहले से 1400 से 1800 डिग्री फेरनहीट तापमान वाले दाह संस्कार बाक्स में धकेल दिया जिससे जिंदा माइकल का शरीर पलक झपकते ही राख में तबदील हो गया. पुलिस मामले की वास्तविकता का पता लगाने के लिए जांच कर रही है. कोरोना के कहर के कारण अमेरिका में 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

मौत के पहले 15 सेकंड की हृदय विदारक चीख: माइकल के सहकर्मियों में एक जेना एंडरसन का कहना है कि शवदाह के सक्रिय होने के बाद उन्हें लगभग 15 सेकंड तक चीखते सुना गया. जेना के अनुसार, 'पहले, हमें समझ नहीं आया कि चीखने की आवाज कहां से आ रही है लेकिन जब हमें असलियत का अहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
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