17 साल की उम्र में जिस्म बेचने को विवश थी लड़की, मां ने भी दिया साथ, आज है बॉलीवुड की बड़ी हस्ती, पैसों के लिए नाचना शुरू किया



शगुफ्ता ने बताया कि उन्हें हमेशा अपनी बायोलॉजिकल मां को लेकर कंफ्यूजन रहा। वह अनवरी बेगम (जिन्होने उन्हें गोद लिया) को अपनी मां मानती थीं। शगुफ्ता ने बताया कि उन्हें लेकर उस समय में लोग तीन तरह की बातें किया करते थे। पहली यह कि वह अपने ज़माने की मशहूर एक्ट्रेस और डायरेक्टर ब्रिज सदाना की पत्नी सईदा खान की बेटी हैं। दूसरी यह कि वह किसी ऐसी औरत की बेटी हैं जिसने किसी अमीर आदमी से संबंध बनाये और उन्हें पैदा करके छोड़ दिया। तीसरी यह कि उनके माता-पिता गरीब थे और झोपड़पट्टी में रहते थे। उन्होंने शगुफ्ता को पैदा करके फेंक दिया।

साथ होता था जानवरों की तरह सलूक


शगुफ्ता ने बताया कि उन्हें लोग बचपन में हरामी लड़की कह के बुलाया करते थे। उन्हें काफी बुरा लगता था और वह इस बात पर घंटों रोया भी करती थीं। कई सस्पेंस ने उन्हें क्रूर बना दिया था। शगुफ्ता ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। वह लोगों से लड़ने लगीं इसलिए नहीं कि वह उनसे नफरत करती थीं बल्कि इसलिए क्योंकि उन्हें लगता था कि लोग उनसे नफरत करते हैं। उन्हें अपनी मां पर बहुत गुस्सा आता था। उन्होंने यह मानने से मना कर दिया था कि अनवरी बेगम उनकी मां हैं। लेकिन एक वहीं इंसान थी जो शगुफ्ता के साथ हमेशा रहीं। अनवरी बेगम की दो शादी हुई थी और उनके दूसरे पति का नाम मोहम्मद रफीक था। इस वजह से उन्हें शगुफ्ता रफीक के नाम से जाना जाने लगा।
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