कोरोना वायरस की वजह से पाकिस्तान की हालत हुई खराब, भीख मांगने को तैयार, एक झटके में हो जायंगे 1.85 करोड़ बेरोजगार

एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, यह आकलन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सीमित स्तर पर अथवा कुछ छूटों के साथ और उसके बाद पूर्ण लॉकडाउन को ध्यान में रखकर किया गया है, खबर में बताया गया कि, पाकिस्तान सीमित लॉकडाउन के दौर से गुजर चुका है और अब कुछ छूट के साथ लॉकडाउन के बाद पूरी तरह से लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है।

गुरुवार को योजना मंत्रालय में विभिन्न मंत्रालयों की बैठक हुई. इसी बैठक में नुकसान का आकलन किया गया. अधिकारियों ने इस बैठक में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के शुरुआती शोध और विभिन्न सरकारी निकायों से प्राप्त आंकड़ों पर चर्चा की। योजना मंत्रालय ने आकलन के बाद पाया कि सीमित लॉकडाउन की स्थिति में अर्थव्यवस्था को 1,200 अरब रुपये का नुकसान हो सकता है, यदि कुछ छूट के साथ लॉकडाउन की स्थिति रही तो नुकसान बढ़कर 1,960 अरब रुपये तथा पूरी तरह से लॉकडाउन की स्थिति में 2,500 अरब रुपये तक पहुंच सकता है।

सीमित रोक की स्थिति में इसी तरह प्राथमिक आकलन के आधार पर 14 लाख लोगों के तथा कुछ छूट के साथ लॉकडाउन होने पर 1.23 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने की भी आशंका है. हालांकि, पूर्ण लॉकडाउन होने पर बेरोजगार होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1.85 करोड़ पर पहुंच सकती है।
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