अंधविश्वास की वजह से माँ ने ही अपने 3 साल के कलेजे के टुकड़े को उतार दिया मौत के घाट, एकादशी का मुहूर्त देखकर मां ने उतारा मौत के घाट

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जिससे पता चला कि प्रिंस की मौत गला दबने से हुई है। उसकी हत्या की गई है। जिसके बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया। दक्षा बेन ने पुलिस को पहले तो खूब घुमाया, पर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने बेटे की हत्या का अपराध कुबूल कर लिया। उसने बताया कि 3 साल से प्रिंस के मस्तिष्क में गांठ थी, राजकोट-अहमदाबाद में इलाज चल रहा था। एक ऑपरेशन भी हुआ था। 

कुछ समय से उसे बोलने-सुनने में तकलीफ हो रही थी। वह बिस्तर पर ही था। वह बेटे की खूब सेवा करती। पर बेटे का दु:ख उससे नहीं देखा गया। तब उसने उसे मार डालने का विचार किया। शनिवार की सुबह 8:30 बजे पति किशोर भाई क्रांति मानव सेवा ट्रस्ट में सेवा काम के लिए घर से निकले। तब घर में प्रिंस और उसकी मां दक्षा बेन के अलावा कोई नहीं था। इसके पहले मां ने एकादशी का मुहुर्त देखा, ताकि बच्चे के प्राण शुभ मूहूर्त में जाएं। 
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