लॉकडाउन में गर्भवती बेटी को देखने के लिए 65 KM पैदल चले बुजुर्ग मां बाप, फिर पहुंचे बेटी के पास... और फिर वहा जो हुआ वो जानकर रह जाओगे दंग

वाराणसी के रहने वाले मदन और उनकी पत्नी फूलवासी देवी वर्तमान समय में वाराणसी के कोनिया इलाके में रहते हैं, लेकिन इनका पैतृक गांव बिहार के कैमूर जिले के हाटा में है. पुश्तैनी गांव में इनकी खेती-बाड़ी भी है, जिसका काम निपटाने के लिए यह लोग पिछले दिनों अपने गांव गए थे. दूसरी ओर, वाराणसी वाले घर में इनकी गर्भवती बेटी अपने ससुराल से आई हुई थी, ताकि अपने मायके में रहकर वह अपने बच्चे को जन्म दे सके.
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मदन और फूलवासी अपने पुश्तैनी गांव में खेती बाड़ी का काम निपटा ही रहे थे कि कोरोना के चलते 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन हो गया. रेल यातायात तो पहले से ही बंद था. उधर लॉकडाउन की घोषणा के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी ब्रेक लग गया.दोनों बुजुर्ग लॉकडाउन के चलते अपने पुश्तैनी गांव में ही फंस गए थे और उधर उनकी बेटी की डिलीवरी का वक्त भी नजदीक आता जा रहा था. ऐसे में जब इस बुजुर्ग पति-पत्नी को वाराणसी जाने का कोई भी आसरा नहीं दिखा तो दोनों ने करीब 65 किलोमीटर की हाटा से वाराणसी तक की दूरी को पैदल ही चल कर पूरा करने का फैसला कर लिया.
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