कोरोना से “जंग” से डरकर भागा बिहार का अधिकारी, कहा, "जो करना है कर लीजिए" और फिर जो हुआ वो जानकर रह जाओगे दंग

श्रम अधीक्षक विनय कुमार पर डीएम ने गंभीर आरोप लगाकर केस दर्ज करने का ऑर्डर जारी कर दिया है। आरोप है कि श्रम अधीक्षक विनय कुमार बैठक में उपस्थित नहीं हुए। श्रम अधीक्षक को तत्काल जिला मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन उनके द्वारा स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि मैं मुख्यालय में नहीं उपस्थित हो सकता हूं और जो कार्रवाई करना है कर लीजिए। श्रम अधीक्षक के द्वारा अत्यंत ही अमर्यादित तरीके से व्यवहार किया गया जो एक सरकारी कर्मी के लिए निर्धारित आचरण एवं व्यवहार के सर्वथा प्रतिकूल है। 

डीएम ने अपने पत्र में लिखा है कि लॉक डाउन की तिथि 23 मार्च से ही वे पटना में हैं जबकि इस कार्यालय के आदेश में उनकी प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में गठित नियंत्रण कक्ष में की गई थी। उनके द्वारा अवकाश अथवा मुख्यालय से बाहर आने संबंधी कोई अनुरोध भी नहीं किया गया था। इस आकस्मिक परिस्थिति में भी बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से अवकाश पर और मुख्यालय से बाहर हैं यह अत्यंत गंभीर मामला है।
close