बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर निभाया बेटों का फर्ज,लॉकडाउन मे नही हो पाया था इलाज, जिसने भी देखा उसकी आँखों में आ गए आंसू

हम आपको जिस शख्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं उसका नाम संजय कुमार है और यह थाना बन्नादेवी के नुमाइश मैदान के निवासी है, जैसा कि आप लोग जानते हैं देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए लॉक डाउन का एलान प्रधानमंत्री जी ने कर दिया है और 14 अप्रैल लॉक डाउन अवधि तक सारे बाजार बंद रहेंगे, कोई भी लॉक डाउन के दौरान घर से बाहर नहीं निकलेगा, , जिसने भी देखा उसकी आँखों में आ गए आंसू

सभी लोग घर में ही रहेंगे, लेकिन लॉक डाउन की वजह से लोगों को बहुत सी परेशानियां देखनी पड़ रही है, आपको बता दें कि संजय कुमार टीबी की बीमारी से पीड़ित थे लेकिन लॉक डाउन के इस समय में उनको उचित इलाज नहीं मिल पाया था जिसके चलते शनिवार को उनकी जान चली गई, समय पर इलाज ना मिलने के कारण इस शख्स को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा, संजय की 5 बेटियां हैं और अपने पिता की मृत्यु के बाद इनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया है और इस संकट के समय में इनकी बेटियों ने ही बेटों का फर्ज निभाते हुए अपने पिता की अर्थी को खुद कंधा देकर इनका अंतिम संस्कार किया है।




संजय कुमार भले ही गरीब थे लेकिन यह किसी के आगे नहीं झुके और ना ही इन्होंने किसी की सहायता मांगीं, यह काफी टाइम से टीबी की बीमारी से पीड़ित चल रहे थे लेकिन कुछ दिन पहले ही इनकी हालत कुछ ज्यादा ही खराब हो गई, लेकिन लॉक डाउन की वजह से इनको कोई भी डॉक्टर नहीं मिल पाया, जिसके कारण इनका इलाज भी नहीं हो पाया था और इन्होंने टीबी की बीमारी से लड़ते हुए अपना दम तोड़ दिया था, 
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