बाल-बाल बचीं फरहीन की खौफनाक दास्तां: “अगर मेरे बेटे का खतना हो गया होता तो जिंदा नहीं होते हम, वजह जानकर रह जाओगे हैरान

“अगर आज हम जिंदा हैं तो सिर्फ इसलिए कि हमारे बेटे का खतना नहीं हुआ था। हमने सोचा था कि थोड़ा बड़ा होने पर इसका खतना करवाएंगे। 

लेकिन इसी ने हमारे परिवार की जान बचा ली।” यह कहते हुए गला रुंध जाता है फरहीन का, जिनके भाई को घर से खींचकर हिंदुत्ववादी भीड़ ने मार डाला। उनके पति को भी बुरी तरह पीटा गया।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में जब हिंसा भड़की तो उस समय फरहीन अपने परिवार के साथ गोकुलपुरी के नजदीक भगीरथी विहार में थी। तभी करीब 50 लोगों की भीड़ धड़धड़ाती हुई उनके घर में घुस आई। भीड़ देखकर सबने खुद को कमरों में बंद कर लिया। लेकिन उन्मादी भीड़ ने दरवाज़े तोड़ दिए, घर में अलग तोड़फोड़ की और फरहीन के पति और भाई को खींचकर पीटते हुए ले गई। फरहीन के भाई की मौत हो गई और पति बेहोश हो गए थे जिन्हें मरा समझकर भीड़ ने छोड़ दिया।
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