लॉकडाउन में गर्भवती पत्नी के साथ पैदल ही तय कर दिया मीलों का सफर, रास्ते में होने लगा पेट दर्द तभी जंगल में गूंज गई किलकारी

मजदूर विश्राम मरावी पिता मूंसी मरावी गर्भवती पत्नी संगीता बाई अपने दो बच्चे कन्हैया और ईश्वर को लेकर जबलपुर से मोहगांव के गांव रमपुरी के लिए निकल गए थे। 
साधन न मिलने से उन्हें सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। कालपी के पास जंगलिया गांव के जंगल में महिला को देर रात पेट में दर्द हुआ। विरान जंगल में महिला का दर्द समझाने वाला कोई नहीं था। पति ने मदद के लिए आसपास पता भी किया लेकिन कोई राहत न मिली। इसी बीच महिला ने जंगल में ही नवजात को जन्म दे दिया। 

महिला और उसके मजदूर पति ने उसी जंगल में काटने का फैसला लिया और रात में वहीं रूक गए। सुबह होते ही पैदल ही फिर चल दिए। जंगल से करीब 20 किलोमीटर दूर पैदल चलकर पहुंचने के बाद पूरा परिवार निवास ब्लॉक के पिपारियां गांव पहुंचा, जहां लोगों के पूछने पर उन्होने व्यथा बताई। बाद में डॉक्टरों से इलाज कराया गया और निवास अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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