पिता चाहते थे की चिता को मुखाग्नि बेटियाँ दे, फिर बाप की इच्छा पूरी करने के लिए बेटियों ने उठाया इतना बड़ा कदम, जानकर रह जाओगे दंग

 तो बेटे को ही पिता को मुखाग्नि देने का अधिकार मिला हुआ है मगर समाज की बेड़ियों को तोड़कर अब बेटियां भी बेटों का फर्ज निभा रही हैं। भरतौल में रहने वाले रिटायर फौजी के निधन के बाद जब बेटियों ने मुखाग्नि देने का संकल्प लिया तो लोग भी चौंक पड़े। 

मगर पिता की आखिरी इच्छा को पूरी करने के लिए छोटी बेटी ने गुलाबनगर श्मशान भूमि में पिता को मुखाग्नि देकर पुरुषवादी समाज को आइना दिखा दिया।
भरतौल में रहने वाले स्टेशन हेड क्वार्टर में तैनात रह चुके फौजी 61 वर्षीय सुरेश कुमार लंबे समय से ह्रदय रोग से ग्रसित थे। छोटी बेटी रजनी ने बताया कि पिता और भाई के बीच मनमुटाव होने के चलते पिता ने साल 2016 में वसीयत की थी। उसके मुताबिक उन्होंने चिता को मुुखाग्नि देने की जिम्मेदारी बड़ी बेटी को सौंपी थी। 

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