लॉकडाउन: कमाठीपुरा वर्कर की आप बीती, इधर इतना बम फटा, अटैक हुए लेकिन ऐसा हालत कभी नहीं था

भाषा को सोनी ने बताया की, “पूरा जिंदगी इधर निकाला, इतना बम फटा, अटैक हुआ, कितना बीमारी आया लेकिन ऐसा हालत कभी नहीं था।” आगे कहा, ”अगर यह चलता रहा तो मैं क्या खाऊंगी, मैं मकान मालिक को किराया कैसे दूंगी? सोनी के अलावा उसके साथ कमरे में तीन और महिलाएं रहती हैं और वे सामान्य दिनों में 2 से 3 हजार रुपये कमा लेती थीं।”

सेक्स वर्कर जया भी कोरोना की वजह से काफी परेशान है। जया का कहना है की “हर महीने मुझे अपने बच्चे के लिए कम से कम 1500 रुपये भेजने होते हैं लेकिन अगर मैं कमाऊंगी नहीं तो उसके लिए कैसे पैसे भेज पाऊंगी? मुझे बहुत चिंता है। एक अन्य महिला किरण ने कहा, ”आप मोदी (प्रधानमंत्री) से हमें पैसे भेजने के लिए क्यों नहीं कहते क्योंकि हमारे ऊपर भी बूढ़े माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने की जिम्मेदारी है।”

केनेडी ब्रिज के पास स्थित मुंबई संगीत कला मंडल का भी कोरोना की वजह से बुरा हाल है पहले यहाँ इलाके से खिड़की से गाने की आवाज सुनाई पड़ती है लेकिन आज सब सुना है औरतें अपने कमरों के बाहर उदास चेहरा लिए बैठी है।
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