भागो मत, इससे लड़ो और जीतो", कोरोना को मात देने वाली मारीशा ने बताया की कैसे मेने कोरोना सी जीत हासिल की

19 साल की मारीशा शुक्ला फ्रांस में अगस्त 2019 से पढ़ाई कर रही है। मारीशा मूंढापांडे में रहती है और प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान की रिश्तेदार हैं। 15 मार्च को फ्रांस से वह भारत लौटी और 17 मार्च को मूंढापांडे पहुंचने पर बुखार और खांसी की शिकायत हुई। 

फारेन ट्रैवल हिस्ट्री होने के कारण चिकित्सकों ने उसका सैंपल जांच के लिए भेजा और रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। मारीशा जिले की पहली कोरोना पाजिटिव थी। 

भर्ती होने के बाद 29 मार्च को उसका पहला सैंपल भेजा गया। 31 मार्च को सैंपल रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। तीन अप्रैल को दूसरा सैंपल भेजा गया और रविवार को रिपोर्ट निगेटिव आ गई। रिपोर्ट निगेटिव आने पर मारीशा की मां ऋचा शुक्ला और मामा अनुज चौहान ने फोन कर बधाई दी। नोडल अधिकारी डा. डीके प्रेमी और जिला अस्पताल के स्टाफ ने भी मारीशा को शुभकामनाएं दी। मारीशा ने फोन पर बताया कि उसने हिम्मत नहीं हारी। शुरुआत में अस्पताल के एकांत कमरे ने परेशान जरूर किया। 
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