गरीब चरवाहे ने बचाई थी लड़की की जान, फिर उसने अपनी कीमती चीज़ देकर उतारा एहसान

कहते है ना की जिन्दगी में अच्छे कर्म करने चाहिए और कर्मो के फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए क्योंकि अच्छे को हमेशा अच्छा ही मिलता है, बस समय लग सकता है पर अच्छे कर्म करने वालों की जिन्दगी जरुर बदलती है.

खैर आज ऐसी ही एक सच्ची घटना घटित हुई है. जिसे सुनकर शायद आप भी कहो की वाह क्या बात है.

यह बात है आज से 9 साल पहले की असम में एक गरीब ग्वाला अपनी बकरियों को चरा रहा था की उसी वक्त उसकी एक बकरी जंगल में दूर चली गई, जब वो जंगल में अपनी बकरी खोज रहा था तो उसे जंगल में झाड़ियों में बंधी एक लड़की दिखी. व्यक्ति लड़की को देखते ही समझ गया की यह कोई किडनैपिंग का मामला है.



फिर भी उसने हिम्मत की और उस लड़की को खोला.लड़की को किसी तरह वो अपने घर लाया घर लाते ही लड़की बेहोश हो गई और करीब 4 घंटे बाद उसे होश आया

ऐसे में उसने बताया की उसका नाम नीतू सिंह है और गोहाटी की रहने वाली है. वो बस का इन्तजार कर रही थी की अचानक चार लड़के आये और उसे जबरदस्ती गाड़ी में डाला और बंदूक इत्यादि दिखाकर डराकर यहाँ ले आये।

अब उसके साथ क्या हुआ होगा आप समझ सकते हो. खैर उस व्यक्ति ने इस लड़की की जान बचा ली.इस व्यक्ति का नाम मंकेटश्वर राव है, यह बहुत गरीब था पर कहते है ना की अच्छे कर्मो का फल मिलता जरुर है बस वक्त लग जाता है.

एक दिन जैसे ही व्यक्ति घर आया तो उसके घर के आगे चार बड़ी गाड़ी खड़ी थी और जैसे ही वो घर के अंदर गया एक खुबसुरत लड़की ने उन्हें नमस्ते किया और बोले की भूल गये या मैं याद हूँ.

चाचा मैं वही नीतू हूँ जिसकी आपने जान बचाई थी अब आपको यहाँ नहीं रहना होगा. अब आप मेरे साथ चले. और ऐसे करके उस लड़की ने मंकेटश्वर राव को गुहाटी लाकर एक मकान दिलवा दिया उनकी लड़की को अच्छे स्कूल में दाखिला और एक कपड़े की दूकान करवा दी जिसपर एक नौकर भी रख दिया।

वह लड़की हफ्ते में तीन चार दिन उनके साथ रहने को आ जाती है.आज के समय में नीतू सिंह एक्सआइन है और अच्छा पैसा कमा रही है. नीतू कहती है की आज चाचा की वजह से मैं जिन्दा और सुरक्षित हूँ. अगर वो ना होते तो आज मेरा नाम भी नहीं होता. ऐसा बोलकर नीतू रोने लग गई थी
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