करतब दिखाने के दौरान गंगा नदी के जल में गायब हुए जादूगर चंचल लाहिरी की मृत्यु..



चंचल लाहिरी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर स्थित सुभाषग्राम इलाके में रहते थे। परिवार में मां, पत्नी तथा एक बेटा है। जादू के प्रति उनका यह लगाव ही था कि कभी आंखों पर पट्टी बांधकर बस चलाना, तो कभी नदी से बंधे हाथ-पैर खोल कर सकुशल बाहर निकल आना, इस तरह के कई खतरनाक कारनामे वह पहले भी कर चुके हैं। साल 1998 में बक्से में खुद को बंद कर नदी के जल से वह सकुशल बाहर निकल आए थे। इस कारनामे ने उन्हें ना केवल राज्य बल्कि पूरे देश में ख्याति दिलाई थी। उन्हें मिली देशव्यापी पहचान के बल बूते पर वह देश के विभिन्न हिस्सों में जादू का शो करने लगे थे।

यह है घटना

जादू को लेकर लोगों में कम होती रुचि को फिर से जगाने की एक कोशिश के दौरान जादूगर चंचल ने नदी के जल में फिर से एक बार उस खतरनाक करतब को दुहराने की ठानी थी, जिसे वह पहले भी दिखा चुके थे।

रविवार को हावड़ा ब्रिज के ठीक नीचे व गंगा नदी के बीच, इस करतब को दिखाने की योजना बनी। एक जलयान (वाटर वेसेल) पर जादूगर चंचल तथा उनके सहयोगी सवार थे। वहीं दूसरे जलयान में एक अन्य टीम थी, जो इस पूरे दृश्य को कैमरे में कैद करने में लगी थी। करतब के अनुसार हाथ-पैर बंधे हालत में जल के अंदर उतरने के बाद उन्हें सकुशल बाहर आना था। चंचल के सहयोगियों ने लोहे की जंजीर व मोटी रस्सी से उनके हाथ-पैर बांध दिए। लंबी जंजीर से उनके पूरे शरीर को बांधने के पश्चात दो तालें जड़ दिए गए। फिर क्रेन की मदद से रस्सी के सहारे उन्हें गंगा नदी के जल में उतारा गया। नदी के जल में अंदर जाने के बाद लगा कि वह थोड़ी ही देर में जल से बाहर दिखाई देंगे।
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