लॉकडाउन में अपने आस पास घूमते पुलिसवालों को देखा और बुलाया तो पुलिस ने सोचा शायद दादा किसी बीमारी से परेशान है लेकिन

हाल ही में फेसबुक पर चारूदत्त आचार्य ने एक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने कॉलेज के एक रिटायर प्रोफेसर की कहानी शेयर की है। 82 साल सुभाष चंद्र रिटायर हैं और कोलकाता में अकेले रहते हैं। उन्होंने लॉकडाउन में अपने आस पास घूमते पुलिसवालों को देखा और बुलाया। अफसरों को लगा कि उन्हें कोई मदद की जरूरत है। लेकिन जब सुभाष चंद्र ने उन्हें चेक सौंपा तो वे सभी चकित रह गए।
 
सुभाष ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 हजार रुपए दान दिए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि कैसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होता है। इसलिए उन्होंने पुलिस को बुलाया। आचार्य की पोस्ट के मुताबिक, सुभाष चंद्र रिटायर हैं। उन्हें पेंशन मिलती है। लेकिन ज्यादातर पैसे दवाइयों पर ही खर्च होते हैं। इसके बावजूद सुभाष ने फैसला किया कि वे 10 हजार रुपए कोरोना के खिलाफ जंग में मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। 
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