Corona : 7 महीने की बेटी, जेब में पैसे नहीं, मालूम नहीं घर कब पहुंचेगा- एक दर्द भरी कहानी, जानकर आँखों में आ जायंगे आंसू

दिल्ली-यूपी हाइवे में आपको ऐसे कई परिवार मिल जाएंगे, जो कई दिनों से सिर्फ चल ही रहा है, ये सोचकर एक या दो दिन में घर पहुंच ही जाएंगे।

ऐसी ही कहानी एक परिवार की है। अजमेर के रहने वाले ओमप्रकाश के लिए ये घड़ी किसी जंग से कम नहीं है। उनको अपने घर पहुंचने के लिए एक हफ्ते चलना होगा।वो भी अकेले नहीं अपनी 7 महीने की गोदी में पकड़ी बेटी के साथ। ओमप्रकाश बताते हैं कि अगर रास्ते में कोई गाड़ी नहीं मिली तो घर पहुंचने में करीब एक सप्ताह लग जाएगा। उनके पास समानों का बोझ भी है।

वो इस जंग में अकेले नहीं बल्कि कई परिवारों का जत्था है जो उनके साथ अलग अलग जगहों पर जा रहा है। हालांकि, तमाम सरकारों ने ऐसे लोगों के लिए रास्ते में खाने का इंतजाम तो कर लिया लेकिन सिर्फ खाना देना कितना फायदा है, ये आप ही बताए।
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